
रेलवे लोको पायलट की बेटी शीतल मीना ने रचा नया इतिहास, राष्ट्रीय स्तर पर नेटबॉल प्रतियोगिता के लिए चयन
अलवर (राजस्थान)।
ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर बेटियाँ जब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाती हैं, तो वह सिर्फ़ अपने परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन जाती हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है शीतल मीना की, जिन्होंने कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर राष्ट्रीय स्तर की नेटबॉल प्रतियोगिता में अपना स्थान सुनिश्चित किया है।
अलवर जिले के रेणी तहसील के ग्राम भजेड़ा निवासी शीतल मीना, रेलवे में लोको पायलट के पद पर कार्यरत रामचरण मीना की सुपुत्री हैं। शीतल वर्तमान में भोपाल नोवेल यूनिवर्सिटी, उदयपुर में फिजिकल डिपार्टमेंट की छात्रा हैं। पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में निरंतर अभ्यास और अनुशासन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया।
शीतल मीना का चयन 14 से 18 के बीच आंध्र प्रदेश में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय नेटबॉल प्रतियोगिता के लिए हुआ है। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
शीतल बताती हैं कि “अगर बेटियों को सही मार्गदर्शन, समर्थन और अवसर मिले, तो वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहतीं।” उनकी यह सफलता उन तमाम बेटियों के लिए संदेश है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखती हैं।
आज शीतल मीना जैसी बेटियाँ यह साबित कर रही हैं कि खेल केवल मैदान तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और नेतृत्व की पहचान बनते हैं। उनका यह सफर आने वाली पीढ़ी की बेटियों के लिए प्रेरणा बनेगा।




